Sunday, November 22, 2009

अब्दुल बहा ने लिखा है:
धर्मरक्षक के लिए ज़रूरी है की वोह अपनी ज़िन्दगी में उसको (धर्मरक्षक) चुन ले.
अब्दुल बहा की वसीयत - १२